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Thursday, August 13, 2020
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Chinese App Banned: मोबाइल ऐप्स से कैसे होता है सुरक्षा को ख़तरा ?

तकनीकी दुनिया की कई ऐसे अविष्कार है जो केवल एक माध्यम बनकर आपके पूरे जीवन को अपने अंदर समा लेते हैं । हाल ही में भारत ने एप्स पर पाबंदी लगा दी गई है जो कि चीन द्वारा बनाए गए थे । इन एप्स को भारत में बैन इसलिए किया गया क्योंकि इससे भारत की सुरक्षा को खतरा था । इस संबंध में गृह मंत्रालय केइंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर ने सरकार को एक रिपोर्ट भेजी । इस संबंध में सरकार का कहना है कि गृह मंत्रालय को इस बारे में कई रिपोर्ट प्राप्त हुई है जिसमें एप के इस्तेमाल से डाटा चोरी की समस्याएं उत्पन्न होती है । साइबर सुरक्षा के विशेषज्ञ रक्षित टंडन का कहना है कि पिछले साल अगस्त महीने में मद्रास हाईकोर्ट ने टिक टॉक पर प्रतिबंध लगा दिया था क्योंकि टिक टॉक पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी के आरोप लगे थे । उन्होंने कहा कि वह डाटा माइनिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक बड़ा व्यापार है जोकि वेब और वेबसाइट के माध्यम से चलता है । इस व्यापार में लोगों से संबंधित निजी सूचनाएं बेची जाती है । रक्षित टंडन का कहना है कि यदि आप अपने मोबाइल से अगर हर सोमवार को दवा मंगाते हैं या कभी कोई सामान मंगाते हैं कोई खाना ऑर्डर करते हैं तो इसकी सारी जानकारी की प्रोफाइलिंग होती है । फिर अगले दिन से आपको डिस्काउंट से संबंधित मैसेज आने लगते हैं । इस बाजार में आपकी सूचनाएं बेची जाती है जिसकी अच्छी खासी कीमत होती है । उन्होंने कहा कि भारत ही एक ऐसा देश नहीं है जहां किसी देश के ऐप पर प्रतिबंध लगा हो उन्होंने कहा कि चीन भी एप्स पर प्रतिबंध लगाता है । विकसित और विकासशील देश अपनी सुरक्षा के लिए कई एप्स पर प्रतिबंध लगा रहे हैं ।

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने भी चीन के बीच एक ऐप पर प्रतिबंध लगाया है ।

मुकेश चंद्र जो कि दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त और साइबर क्राइम के विशेषज्ञ हैं ।‌ बीबीसी से हुई उनकी वार्ता के अनुसार उनका कहना है इन एप्स को भले ही बातचीत करने के लिए बनाया गया हो लेकिन एप्स फोन में मौजूद सभी जानकारी उस सर्वर तक भेजता रहता है जिसका वह ऐप है और जिस जगह से वह संचालित किया जा रहा है । मुकेश चंद्र का कहना है यदि कोई किताब या कोई फोटो स्कैन की जाती है तू उसकी एक कॉपी सर्वर के पास खुद ही चली जाती है । उन्होंने कहा कि यदि किसी ऐप से सरकारी दस्तावेज को स्कैन किया जाता है तो उसकी भी एक कॉपी स्वत ही सर्वर के पास चली जाएगी । उन्होंने वित्त मंत्रालय का उदाहरण देते हुए कहा यदि वित्त मंत्रालय का कोई दस्तावेज किसी ऐप पर स्कैन किया जाता है इस दस्तावेज में आने वाले वित्तीय वर्ष के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हो । 3D स्कैन वाले ऐप पर स्कैन किया गया तो इसकी एक कॉपी उस देश में चली जाती है जहां से इसका सर्वर संचालित किया जा रहा हो । मैंने कहा कि यह फिर इस प्रकार राष्ट्रीय सुरक्षा का का मुद्दा बन जाता है ।

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