24.3 C
Dehradun
Thursday, August 13, 2020
Home Business News Uttarakhand: Consumer News In Hindi : Health Insurance ; Insurance ;...

News Uttarakhand: Consumer News In Hindi : Health Insurance ; Insurance ; Your health insurance premium may increase due to these 6 reasons including your profession and medical history | आपका प्रोफेशन और मेडिकल हिस्ट्री सहित इन 9 बातों पर निर्भर करता है आपका हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम

  • जीवन बीमा के प्रीमियम का भुगतान सालाना करने पर आपको फायदा मिलता है
  • यदि आप पूरी तरह स्वस्थ हैं तो आपसे काम बीमा के प्रीमियम लिया जाता है

दैनिक भास्कर

Jun 20, 2020, 11:43 AM IST

नई दिल्ली. हेल्थ इंश्योरेंस आपको विपरीत समय में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। इंश्योरेंस आपकी जीवन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी तमाम बातों का ख्याल रखता है। अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान खरीदने पर विचार कर रहे हैं तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि बीमा कंपनी किसी कस्टमर के लिए हेल्थ इन्श्योरेंस प्रीमियम कैसे तय करती हैं। आज हम आपको ऐसे 9 फैक्टर के बारे में बता रहे हैं जिनके आधार पर बीमा कंपनियां आपका हेल्थ इन्श्योरेंस प्रीमियम तय करती हैं।

बीमा लेने वाले की उम्र
जनरल इन्श्योरेंस काउंसिल के मुताबिक हेल्थ इन्श्योरेंस प्रीमियम तय करने में उम्र एक अहम फैक्टर है। आपकी उम्र जितनी अधिक होगी आपका हेल्थ इन्श्योरेंस प्रीमियम उतना ही अधिक होगा। उम्र बढ़ने के साथ हर व्यक्ति को बीमारी होने की संभावना बढ़ती जाती है। सरल भाषा में कहें तो अगर आपकी उम्र अधिक है जो बीमा कंपनी के लिए आपको हेल्थ प्लान देने में जोखिम अधिक होगा। इसलिए आपको अधिक प्रीमियम चुकाना होगा। वहीं अगर आपकी उम्र कम है तो आपको हेल्थ इन्श्योरेंस प्लान के लिए कम प्रीमियम चुकाना होगा।

मेडिकल हिस्ट्री 
अगर आपको पहले भी कोई बीमारी हो चुकी है या उस बीमारी का इलाज का चल रहा है तो आपको हेल्थ इन्श्योरेंस प्लान के लिए ज्यादा प्रीमियम देना होगा। वहीं अगर आपकी पहले से कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं है तो आपके लिए प्रीमियम कम होगा। इसके अलावा आनुवांशिक कारक भी आपकी पॉलिसी के प्रीमियम को प्रभावित करते हैं। सामान्य तौर पर बीमा कंपनी आवेदक से पॉलिसी करवाते वक्त परिवार में पहले से चली आ रही आनुवांशिक बीमारियों के बारे में भी पूछताछ करती है। ऐसा होने की सूरत में कंपनियां आपसे ज्यादा प्रीमियम राशि चार्ज कर सकती है।

प्रीमियम का सालाना भुगतान करें
जीवन बीमा के प्रीमियम का भुगतान सालाना करने पर आपको फायदा मिलता है। प्रीमियम का भुगतान सालाना करने के मामले में बीमा कंपनियों का एडमिनिस्‍ट्रेशन कॉस्‍ट कम होता है, जिसका लाभ पॉलिसी धारक को मिलता है। यदि प्रीमियम के भुगतान के लिए मासिक, त्रैमासिक या छमाही विकल्‍प चुनते हैं तो बीमा कंपनी का एडमिनिस्‍ट्रेशन कॉस्ट बढ़ जाता है, क्‍योंकि आंकड़ों के रख-रखाव पर बीमा कंपनी को ज्‍यादा खर्च करना होता है। वहीं, सालाना प्रीमियम भुगतान करने से बीमा कंपनी को साल में सिर्फ एक बार प्रशासनिक लागत आती है। सालाना प्रीमियम भुगतान करने पर बीमा कंपनियां मोर्टेलिटी शुल्क का 1 से 3 फीसदी तक रियायत दे सकती हैं।

पॉलिसी का पीरियड और बीमा की रकम
पॉलिसी का पीरियड जितना ज्यादा होता है उसका प्रीमियम उतना ही कम होता है। इसलिए अगर आप कम उम्र में कोई बीमा पॉलिसी लेते हैं तो इसके लिए दिया जाने वाला प्रीमियम भी कम होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इंश्योरेंस कवरेज ज्यादा समय के लिए होती है।

सिगरेट और शराब का सेवन
सिगेरट और शराब का सेवन आपकी सेहत के लिए खतरनाक होता है। क्योंकि इसकी वजह से बीमारी या मृत्यु की संभावना तेज हो जाती है। इसीलिए इंश्योरेंस कंपनियां प्रीमियम तय करने से पहले आवेदक से हमेशा इन आदतों के बारे में पूछती हैं। सिगरेट और शराब का सेवन करने वालों को आम लोगों की तुलना में ज्यादा प्रीमियम देना होता है।

आपका प्रोफेशन
आपका हेल्थ इन्श्योरेंस प्रीमियम इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप किस तरह के माहौल में काम करते हैं। अगर आप ऐसे किसी प्रोफेशन मे हैं जहां पर काम और टारगेट का तनाव रहता है। या आप ऐसी जगह काम कर रहे हैं जिसका वातावरण आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक है तो आपके लिए प्रीमियम अधिक होगा।

नहीं लिया है क्लेम 
अगर आपके पास पहले से हेल्थ इन्श्योरेंस पॉलिसी है और आपने कई सालों तक क्लेम नहीं लिया है तो बीमा कंपनी आपको प्रीमियम में छूट दे सकती है यानी आपको कम प्रीमियम का भुगतान करना होगा।

बिना जरूरत के राइडर न लें
जीवन बीमा पॉलिसी लेते समय अगर आप राइडर का चयन करते हैं तो प्रीमियम बढ़ जाता है। प्रीमियम कम रखने के लिए आपको सिर्फ उन्‍हीं राइडर का चयन करना चाहिए जिसकी वास्तव में जरूरत आपको जरूरत हो सकती है। याद रखें, मोर्टेलिटी चार्ज के अतिरिक्‍त किसी भी तरह का चार्ज आपके प्रीमियम में इजाफा कर सकता है।

स्वस्थ रहने का है फायदा
जीवन बीमा का प्रीमियम आपके हेल्थ पर भी निर्भर करता है। यदि आप स्वस्थ हैं तो बीमा के प्रीमियम पर रियायत प्राप्‍त कर सकते हैं। हेल्थ खराब होने की स्थिति में आपको अधिक प्रीमियम का भुगतान करना होता है। अधिक प्रीमियम आपके बीमारी को कवर करने की एवज में लिया जाता है, लेकिन बीमारी को कुछ समय बाद पॉलिसी के तहत कवर किया जाता है।

.

[Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by News Uttarakhand. Publisher: Dainik Bhaskar]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

रुद्रप्रयाग: जखोली ब्लॉक प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने आपदा प्रभावित गांवों की मद्दद के लिए आगे आये साथ ही अधिकारियों को राहत वितरण के दिए...

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में गदेरे (बरसाती नाले) में आज सोमवार को बादल फटने से व्यापक तबाही हो गई है। बादलों की इस आपदा में...

सिविल सेवा परीक्षा में छाए उत्तराखंड के होनहार, रामनगर के शुभम ने हासिल किया 43वां स्थान

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में उत्तराखंड के युवाओं का डंका बजा है। रामनगर निवासी शुभम बसंल ने परीक्षा में ऑल...

पहाड़ों में भी साइबर अपराधी तलाशने लगे शिकार, बचना है तो इन बातों का रखें ख्याल

साइबर अपराधी अब तक धनाढ्य वर्ग या फिर नौकरीपेशा को ही शिकार के लिए चुनते थे। मगर इंटरनेट और डिजिटल पेमेंट के प्रति बढ़ी...

रक्षाबंधन से पहले लद्दाख बॉर्डर पर शहीद हुए भाई को तिरंगे में लिपटा हुआ पार्थिव शरीर देखकर बिलख पड़ी बहन

उत्तराखंड: लद्दाख में शहीद हुए उत्तराखंड के लाल देव बहादुर का ग्राम गोरीकलां के निकट शमशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार...

Recent Comments

Translate »