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Saturday, August 8, 2020
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News Uttarakhand: Delhi-NCR border seal blocked the owners and workers reach work MSME Association expressed displeasure – दिल्ली-एनसीआर सीमा पर हालात: मालिक न श्रमिक, कोई नहीं पहुंच पा रहा काम पर

सोमवार को हुए दो फैसलों में एक उद्यमियों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आया तो दिल्ली सरकार के फैसले ने उन्हें फिर मायूस कर दिया। दिल्ली सरकार ने दिल्ली से जुड़े सभी प्रदेशों की सीमाओं को एक सप्ताह के लिए सील कर दिया।

इसका खामियाजा उद्यमियों को भुगतना पड़ेगा। एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन नोएडा ने दिल्ली एनसीआर के लिए अलग से नियामक व्यवस्था होने को जरूरी बताया है, जो यहां के लिए फैसले ले सके। सीमा सील करना कोई विकल्प नहीं है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को भी इसमे शामिल किया जाए। जिसने एनसीआर के मास्टर प्लान बनाने में अहम योगदान दिए है। शहर में 16 हजार से ज्यादा औद्योगिक इकाईयां है। इसमे एमएसएमई श्रेणी की करीब 13500 औद्योगिक इकाइयां है।

इन इकाइयों में काम करने वाले श्रमिक नोएडा से सटे दिल्ली बार्डर पर यानी अशोक नगर, मयूर विहार फेज-1, 2 व 3 के अलावा न्यू कोंडली, दल्लुपुरा, कल्याणपुरी से आते है। नोएडा बार्डर सील होने की वजह से यह श्रमिक औद्योगिक इकाइयां खुलने के बाद भी यहा नहीं आ पा रहे है। इसके साथ करीब एक हजार और औद्योगिक इकाइयां है जिनके मालिकान खुद दिल्ली में रहते है।

वह भी नहीं पहुंच रहे ऐसे में उनकी औद्योगिक इकाइयां बंद है। एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन नोएडा के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा के मुताबिक केंद्र व राज्य सरकार के आदेश के बाद भी सीमाओं की सील किया हुआ है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने भी एक सप्ताह के लिए प्रदेश से सटी सभी सीमाओं को सील कर दिया है। ऐसे में जो थोड़ा बहुत काम चल भी रहा था उसमे भी अस्थिरता आ जाएगी। हालांकि जिलाधिकारी ने फेज-1 की कंटेनमेंट जोन के साथ लगी करीब दो हजार औद्योगिक इकाइयों को खोलने का निर्णय लिया है। इससे राहत मिली है।

नए दिशा निर्देश हो जारी
उद्यमियों ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर सरकारों को सर्वाधिक राजस्व देता है। पूर्णबंदी की वजह से उद्योग बंदी की कगार पर हैं। श्रमिक कंटेनमेंट जोन या सीमाओं के बीच फंसा है। ऐसे में जल्द से जल्द एक नए निर्देश जारी की जाए ताकि औद्योगिक इकाईयां चलाने में परेशानी ना आए।

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[Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by News Uttarakhand. Publisher: Jansatta]

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